एक नव्या जिसका परिवार उसकी याद में हर समय तड़प रहा है दूसरी तरफ ऐसे मां-बाप जिन्होंने अपनी ही बच्चियों को आश्रम में छोड़कर अपने से दूर कर दिया है मां-बाप से बिछड़ कर तड़प रही इन बच्चियों के मन में खुशी भर रही है लाइट्स फॉर लाइवस संस्था ।। फगवाड़ा एक्सप्रेस न्यूज़ विनोद शर्मा।।8528121325

पंजाब
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[ फगवाड़ा एक्सप्रेस न्यूज़ विनोद शर्मा।।

 ढाई साल की बच्ची नव्या जिसने संसार में जन्म तो जरूर ले लिया लेकिन उसने अभी संसार देखना ही था लेकिन बीमारी की चपेट में आकर इस संसार से अलविदा हो गई और सांपला परिवार को पूरी उम्र एक सदमा देकर संसार से चली गई एक बाप जो अपनी बेटी के प्यार में शायद पागल सा हो गया और वह अपने आंसू तक रोक नहीं पाया क्योंकि बाप ने ढाई साल तक अपनी बच्ची से जो प्यार पाया था शायद बाप  भूला नहीं पाया सापला परिवार की देखे तो शहर में राजनीतिक कार्यों में हर समय लगे रहते हैं और समाज का सम्मान और भला करने में पीछे नहीं रहते ऐसा कर्म तो शायद ऐसा सांपला परिवार ने शायद किया हो जो परिवार को ऐसा दुःख सहना पड़ा कहते हैं कि इंसान के पिछले कर्म भी साथ जुड़े होते हैं सालों बाद भी सांपला परिवार के मेंबर नव्या बच्ची का प्यार भुला नहीं पाए कुछ ऐसी भी बच्चिया हैं जिसको मां बाप ने जिंदा रहते हुए अपने से दूर कर दिया है और एक नव्या जिसके प्यार को उसका बाप भूला नहीं पाया लेकिन गांधी विनीत आश्रम जालंधर में ऐसी बच्चिया रह रही है जो अपने मां-बाप के प्यार को तरस रही है लेकिन उनके मां-बाप नहीं चाहते कि वह अपनी बच्चियों से मिले और उन्होंने आश्रम में अपनी बच्चियों को छोड़ रखा है ना तो उन बच्चियों के पास कोई आजादी है ना ही मां-बाप का प्यार  ना ही उन बच्चियों से कोई वहां आश्रम में मिलने जाता है मां बाप का प्यार लुटाने के लिए लाइट्स फॉर लाइवस की प्रधान अनु शर्मा और उनकी टीम बच्चियों को उनके मां-बाप से मिलाने के लिए  अच्छा प्रयास कर रही है जिन बच्चियों ने कभी दिवाली और दशहरा नहीं मनाया था उन बच्चियों के साथ मिलकर लाइट्स फॉर लाइवस की टीम ने दिवाली मनाई और उन बच्चियों को सूट बांटे और केक काटकर उन बच्चियों के मन में ऐसी खुशी भरी की बार-बार वह बच्चिया lights for lives की टीम का धन्यवाद तो करती है और साथ-साथ यह भी कहती है की मैडम अनु हमें अपने साथ लेकर चलो हमने यहां नहीं रहना है शायद नव्या को जो प्यार उनके परिवार से मिला है शायद इन बच्चियों को मिल पाता नव्या की याद को बरकरार रखने के लिए सापला परिवार 14 दिसंबर को गुप्ता पैलेस में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करने जा रहा है ताकि नव्या को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके[12/11, 08:26] vinod encounter: एक नव्या जिसका परिवार उसकी याद में हर समय तड़प रहा है दूसरी तरफ ऐसे मां-बाप जिन्होंने अपनी ही बच्चियों को आश्रम में छोड़कर अपने से दूर कर दिया है लाइट्स फॉर लाइवस संस्था इन बच्चियों के मन में भर रही है खुशी।।
[12/11, 08:27] vinod encounter: फगवाड़ा एक्सप्रेस न्यूज़ विनोद शर्मा।।
ढाई साल की बच्ची नव्या जिसने संसार में जन्म तो जरूर ले लिया लेकिन उसने अभी संसार देखना ही था लेकिन बीमारी की चपेट में आकर इस संसार से अलविदा हो गई और सांपला परिवार को पूरी उम्र एक सदमा देकर संसार से चली गई एक बाप जो अपनी बेटी के प्यार में शायद पागल सा हो गया और वह अपने आंसू तक रोक नहीं पाया क्योंकि बाप ने ढाई साल तक अपनी बच्ची से जो प्यार पाया था शायद बाप भूला नहीं पाया सापला परिवार की देखे तो शहर में राजनीतिक कार्यों में हर समय लगे रहते हैं और समाज का सम्मान और भला करने में पीछे नहीं रहते ऐसा कर्म तो शायद ऐसा सांपला परिवार ने शायद किया हो जो परिवार को ऐसा दुःख सहना पड़ा कहते हैं कि इंसान के पिछले कर्म भी साथ जुड़े होते हैं सालों बाद भी सांपला परिवार के मेंबर नव्या बच्ची का प्यार भुला नहीं पाए कुछ ऐसी भी बच्चिया हैं जिसको मां बाप ने जिंदा रहते हुए अपने से दूर कर दिया है और एक नव्या जिसके प्यार को उसका बाप भूला नहीं पाया लेकिन गांधी विनीत आश्रम जालंधर में ऐसी बच्चिया रह रही है जो अपने मां-बाप के प्यार को तरस रही है लेकिन उनके मां-बाप नहीं चाहते कि वह अपनी बच्चियों से मिले और उन्होंने आश्रम में अपनी बच्चियों को छोड़ रखा है ना तो उन बच्चियों के पास कोई आजादी है ना ही मां-बाप का प्यार ना ही उन बच्चियों से कोई वहां आश्रम में मिलने जाता है मां बाप का प्यार लुटाने के लिए लाइट्स फॉर लाइवस की प्रधान अनु शर्मा और उनकी टीम बच्चियों को उनके मां-बाप से मिलाने के लिए अच्छा प्रयास कर रही है जिन बच्चियों ने कभी दिवाली और दशहरा नहीं मनाया था उन बच्चियों के साथ मिलकर लाइट्स फॉर लाइवस की टीम ने दिवाली मनाई और उन बच्चियों को सूट बांटे और केक काटकर उन बच्चियों के मन में ऐसी खुशी भरी की बार-बार वह बच्चिया lights for lives की टीम का धन्यवाद तो करती है और साथ-साथ यह भी कहती है की मैडम अनु हमें अपने साथ लेकर चलो हमने यहां नहीं रहना है शायद नव्या को जो प्यार उनके परिवार से मिला है शायद इन बच्चियों को मिल पाता नव्या की याद को बरकरार रखने के लिए सापला परिवार 14 दिसंबर को गुप्ता पैलेस में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करने जा रहा है ताकि नव्या को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके

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